कालिदास के कुमारसंभव महाकाव्य में वैराग्य की अवधारणा

Authors

  • डॉ. महेश जी. पटेि,प्रवीणकुमार किूभाई बाररया,

Keywords:

अधधकारी, अध्ययन, दशगन, िैराग्य, त्याग, आत्मा-परमात्मा, विषय, इस्न्ियाँ, मोक्ष, प्रयत्न, मोह, िासना, मन, मानभसक प्रिृवत्त, कल्याण, भोग ।

Abstract

संस्कृत साहहत्य ककसी न ककसी रूप में मानि जीिन का अभभन्न अंग रहा है। िैहदक काल से ही मनुष्य अस्स्तत्ि के आधार और अपने कल्याण के समाधान की तलाश में रहा है।

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Published

2021-10-20

How to Cite

डॉ. महेश जी. पटेि,प्रवीणकुमार किूभाई बाररया,. (2021). कालिदास के कुमारसंभव महाकाव्य में वैराग्य की अवधारणा. Journal of Computational Analysis and Applications (JoCAAA), 29(6), 1380–1386. Retrieved from https://eudoxuspress.com/index.php/pub/article/view/4268

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